मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं हम
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Saturday 17 Oct, 2009 05:22 PM
गुड़गांव केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद एक क्षेत्र, देश व महाद्वीप की नहीं, बल्कि पूरे विश्व की समस्या है। आतंकवाद विश्व के समस्त देशों के लिए खतरा बन चुका है।
उन्होंने कहा कि विश्व के सभी देशों को आतंकवाद से कड़ाई से निपटन होगा। उन्होंने यह बात शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के 25वें स्थापना दिवस समारोह में कही। गृहमंत्री ने कहा कि भारत कई वर्षो से आतंक का दंश झेल रहा है। आतंकवाद असहनीय है। नापाक ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत पूरी तरह सक्षम है। अपने संक्षिप्त भाषण में गृहमंत्री ने कहा कि देश की आतंरिक सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। बढ़ती आतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए एनएसजी का विस्तार किया गया है। देश में मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद में एनएसजी के चार हब स्थापित किए हैं। ऐसे में एनएसजी कमांडों देश में कहीं भी शीघ्र पहुंचने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षो में एनएसजी का इतिहास गौरवमयी रहा है और शत प्रतिशत अपने कार्यो को अंजाम दिया है। एनएसजी के महानिदेशक एनपीएस अलख ने कहा कि एनएसजी कमांडो बीस से अधिक अति विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा, देश के महत्वपूर्ण स्थानों, एयरपोर्ट, अंतर्राष्ट्रीय, घरेलू उड़ानों पर तैनात हैं।
उन्होंने कहा कि एनएसजी चार हब देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित किए गए हैं और आवश्यकता के अनुसार 241 कमांडो की नियुक्ति कर भी दी गई है। उन्होंने कहा कि दो हब के लिए 30 नवंबर, दो के लिए 15 दिसंबर तक भूमि का इंतजाम होने के बाद भवन निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इस सिल्वर जुबली समारोह में गृहमंत्री ने राष्ट्रपति सेवा मैडल पाने वाले एनएसजी कमांडो, सर्वश्रेष्ठ कमांडो, शूटर सहित 13 कमांडों को उनके विशेष कार्य के लिए सम्मानित भी किया। एनएसजी की ब्लैक कैट पत्रिका का विमोचन भी किया। इस मौके विभिन्न गृह मंत्रालय से जुड़े उच्चाधिकारी, विभिन्न सुरक्षा बलों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
गुलजार और शंकर महादेवन ने दिया एनएसजी गान राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के 25वें स्थापना दिवस के जुबली समारोह में एनएसजी ने अपना गान जारी किया। गुलजार द्वारा लिखे गए, शंकर महादेवन द्वारा गाए गए इस गाने को सुनकर जवानों में जोश भर गया। इस गान की परिकल्पना केवल पंद्रह दिन में ही पूरी की गई। हम हैं ना, हैं ना, हिंदुस्तान गान ने सभी का सीना चौड़ा कर दिया। गुलजार व शंकर महादेवन ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि एनएसजी गाने को लिखने व गाने का मौका उन्हें मिला। मुंबई आतंकी हमलों के दौरान बंधकों को छुड़ाने की कार्रवाई का प्रदर्शन जाबांज कमांडो ने किया तो जनसमूह की आंखें नम हो गई। ताज होटल हमले, नरीमन हाउस से आतंकवादियों से बरामद की गई कुछ वस्तुएं भी प्रदर्शित की गई। प्रदर्शनी में शहीद मेजर उन्नीकृष्णनन की स्वचालित गन भी रखी हुई थी। समारोह के शुरू में कमांडो ने पैरा मोटराइज्ड पैराशूट से आकाश में गोते लगाए तो सभी की आंखें आसमान में टिक गई। वीआईपी रूट संभालना, आईईडी विस्फोट को खोजना व उसे निष्कि्रय करने आदि साहसिक कारनामों का प्रदर्शन किया गया।
इसके बाद पैराशूट से एक दर्जन कमांडो जमीन पर उतरे और इस बात का संदेश दिया कि वह दुर्गम जगहों पर आसानी से पहुंच सकते हैं। कमांडो ने जूडो कराटे ने लोगों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
एनएसजी डाग स्कवायड प्रदर्शन ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। कमांडो ने हेलीकाप्टर से भूमि, बहुमंजिली इमारत पर उतरने का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट सेवा के लिए गृहमंत्री ने विवेक वैद्य ग्रुप कमांडर, डा. योगेश, मनमोहन कांडपाल, एसएस गहलोत, सतीश वुडाकोटी को राष्ट्रपति पुलिस सेवा मेडल और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।
साभार / स्त्रोत -
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