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सीआरपीसी धारा 133 के तहत नोटिस जारी

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13 Sep, 17 08:08
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सीआरपीसी धारा 133 के तहत नोटिस जारी कोटा जिला कलक्टर न्यायालय ने इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र एवं विभिन्न क्षेत्रों में कोचिंग विद्यार्थियों के आवास सुविधा हेतु संचालित छात्रावासों में अव्यवस्थाओं पर प्रसंज्ञान लेते हुए सीआरपीसी धारा 133 के तहत नोटिस जारी किये हैं।
जिला कलक्टर न्यायालय के पीठासीन अधिकारी रोहित गुप्ता ने 27 अगस्त को विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाषित इन्द्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र के रोड नं. 4 में स्थित स्वातिक छात्रावास मेें गैस रिसाव के कारण घटित घटना से 15 छात्रों सहित 20 लोग चपेट में आने के प्रकरण में प्रसंज्ञान लेकर अध्यक्ष हॉस्टल संस्थान नवीन मित्तल, अध्यक्ष चम्बल हॉस्टल एसोषिएसन शुभम अग्रवाल, इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पलेक्स सोसायटी के कमलदीप सिंह को उत्तरदायित्व मानने के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक कोटा शहर, सचिव नगर विकास न्यास, आयुक्त नगर निगम कोटा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला रसद अधिकारी को भी पर्यवेक्षण कर्तव्यों की पालना कर न्यूसेंस रोकने हेतु धारा 133 के तहत नोटिस जारी किये हैै।
आदेष के अनुसार 24 मई को केषवपुरा, महावीर नगर में बने छात्रावास के मैस सलेण्डर में आग लगने से आवासरत 30 विद्यार्थियों की जान सांसत में आने के समाचार पर हॉस्टल संस्थान द्वारा वाणिज्य व्यवसाय को उचित नियमानुसार संचालित नहीं किये जाने का दोषी माना गया है। इसी प्रकार कोचिंग संस्थानों में पढ रहे विद्यार्थियों के रहवास हेतु संचालित छात्रावासों के लिए जिला कलक्टर कार्यालय द्वारा 25 मई को जारी निर्देषों के तहत छात्रावासों में अग्निषमन उपकरण, मैस में व्यवस्थित एवं स्वच्छ भोजन, विद्यार्थियों की जानकारी संबंधित थाने में देने, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, सूचना पट्ट पर पुलिस थाने, मेडिकल आदि के हेल्प लाइन नम्बर प्रदर्षित करने के निर्देष की पालना किये जाने के निर्देष दिये गये।
जिला कलक्टर द्वारा जारी आदेष अनुसार शहर में संचालित छात्रावासों का औचक निरीक्षण हेतु गठित टीमों द्वारा बनाई गई निरीक्षण रिपोर्ट में अग्निषमन, आपातकालीन बाहरी द्वार न होना, हॉस्टल में गंदगी होना, राषन गंदे स्थान पर रखे पाया जाना, भोजन गुणवत्तापूर्ण नहीं पाया जाना, वेंटिलेसन का अभाव, कचरा निर्धारित स्थान पर नहीं डालना आदि को विद्यार्थियों के साथ-साथ स्थानीय निवासीयों के स्वास्थ्य एवं जीवन पर विपरित प्रभाव डालने वाला मानते हुए न्यूसेंस की श्रेणी में माना है।
जारी आदेषानुसार हॉस्टल संचालकों को पाबंद कर न्यूसेंस रोकनें हेतु पुलिस अधीक्षक कोटा शहर, सचिव नगर विकास न्यास, आयुक्त नगर निगम कोटा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला रसद अधिकारी को अधिकारिता क्षेत्र में दायित्वों की पालना करते हुए हॉस्टलोें द्वारा किये जा रहे न्यूसेंस का निवारण करने हेतु नोटिस जारी किये है।
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