महिलाओं के सहारे यूपी फतह का सपना
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Saturday 21 Nov, 2009 08:28 AM
रायबरेली हालिया उपचुनाव में कांग्रेस को मिली संजीवनी से राहुल गांधी के मिशन यूपी के को पर लग गए हैं और इस मिशन में खास भूमिकाएं निभाएंगी महिलाएं।
मिशन 2012 को ध्यान में रखकर चुनावी चक्रव्यूह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसकी शुरुआत राहुल गांधी की प्रयोगस्थली अमेठी क्षेत्र से की जा रही है। जहां संगठन का आद ्श ढांचा तैयार करने के बाद अब चुनावों में महिलाओं को आगे लाने की मुहिम शुरू हुई है।
उनका दर्द बांटने एवं चुनावी बिसात बिछाने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी एवं रायबरेली-अमेठी में महिलाओं का रोल माडल बनी प्रियंका वाड्रा शुक्रवार को अमेठी क्षेत्र पहुंचे। भेंटुआ ब्लाक के मड़रवा और गौरीगंज विकासखंड के अरगवां गांवों की सीमा पर स्थित बाग में सैकड़ों महिलाओं की भीड़ जुटी। ये महिलाएं राजीव गांधी महिला विकास परियोजना से जुड़ी थीं।
हरे रंग की कालीन पर बैठी महिलाओं के बीच राहुल और प्रियंका पहुंचे और जमीन पर ही बैठ गये। ख्वाजा, आंचल, एकता, काजल, अल्लारक्खा, सीताराम जैसे दस समूहों के नाम गिनाकर महिलाओं ने अपना परिचय दिया। साथ ही बताया कि पांच साल से स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के कारण उनकी और गांव की तस्वीर बदल रही है। महिलाओं ने कहा कि उन्होंने गल्ला बैंक बनाए हैं। उससे गरीब महिलाओं व परिवारों की मदद कर रहे हैं। राहुल गांधी ने पूछा कि जाबकार्ड सभी को मिले हैं व नरेगा में काम मिल रहा है? तो महिलाओं ने सकारात्मक जवाब दिया।
राहुल गांधी ने महिलाओं से कहा कि जब उनके चेहरों पर मुस्कान आयेगी, तभी गांव व समाज की तकदीर बदलेगी। असल में राहुल के लोकसभा चुनाव में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने गांव व आसपास में घर-घर जाकर कांग्रेस कार्यकर्ता की तरह चुनाव प्रचार किया और उसका परिणाम भी मिला। अब इन्हें पंचायत चुनावों से ही सक्रिय करने की तैयारी है।
इनकी पहचान की खातिर उन्हें कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तरह पहचान पत्र देने की तैयारी है। अरगवां में राहुल ने यह मंशा महिलाओं के सामने बयां करते हुए पूछा कि उस कार्ड का नाम क्या रखा जाए?
साभार / स्त्रोत - jagran.com
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