जारी रहेगी एथनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री
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Friday 13 Nov, 2009 08:06 AM
नई दिल्ली देश में आगे भी पांच फीसदी एथनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री जारी रहेगी।
केंद्र सरकार को पेट्रोलियम मंत्रालय के ये तर्क स्वीकार नहीं हैं कि उद्योग जगत तेल कंपनियों को पर्याप्त मात्रा में एथनॉल की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है।
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने पेट्रोलियम मंत्री मुर ी देवड़ा के सुझावों को दरकिनार करते हुए साफ तौर पर यह निर्देश दिया है कि हर हाल में एथनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री सुनिश्चित की जानी चाहिए। एथनॉल आपूर्ति और मांग के बीच बेहतर सामंजस्य बनाए रखने के लिए सीसीईए ने पेट्रोलियम मंत्रालय, अक्षय ऊर्जा मंत्रालय और खाद्य व उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अधिकारियों को मिला कर एक समिति भी गठित कर दी है।
सीसीईए के फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने बताया कि यह कहना गलत है कि देश में पर्याप्त एथनॉल उपलब्ध नहीं है। एथनॉल मिश्रित पेट्रोल पर्यावरण अनुकूल ईधन है। सभी पक्षों को यह देखना होगा कि पांच फीसदी मिश्रण के लिए जितनी मांग है, उतनी आपूर्ति की जाए। पेट्रोलियम मंत्रालय को कहा गया है कि वह इस फैसले के बारे में तेल कंपनियों को भी जानकारी दे। एक तरह से देखा जाए तो सीसीईए ने आज कोई नया फैसला नहीं किया है। बल्कि पुराने फैसले के बारे में एक बार फिर जानकारी दी है। इससे साफ है कि केंद्र सरकार को एथनॉल आपूर्ति को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय के स्तर पर हो रही ढिलाई स्वीकार नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि देश में पर्याप्त एथनॉल नहीं मिल पा रहा है। अभी पांच फीसदी एथनॉल मिश्रण में ही दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में पेट्रोल में 10 फीसदी एथनॉल मिश्रण की योजना को फिलहाल टाल देना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर कृषि मंत्रालय तक को बताया गया है कि देश में पर्याप्त एथनॉल नहीं है। वर्ष 2009-10 में तेल कंपनियों ने एथनॉल खरीदने का ठेका 30.25 करोड़ लीटर का दिया था लेकिन असलियत में अभी तक 4.75 करोड़ लीटर एथनॉल ही मिला कर बेचा जा सका है। कृषि मंत्री शरद पवार खास तौर पर तेल कंपनियों के स्तर पर हो रही ढिलाई से काफी नाराज थे। वे चाहते हैं कि तेल कंपनियां एथनॉल मिलाने का काम तेज करें ताकि गन्ना किसानों को फायदा हो।
मजेदार तथ्य यह है कि पवार के राज्य महाराष्ट्र में एथनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री सबसे ज्यादा बाधित हो रही है। पांच फीसदी एथनॉल मिलाने का फैसला नवंबर, 2006 में किया गया था। इसके बाद सितंबर, 2007 में यह फैसला किया गया कि आने वाले समय में पेट्रोल में 10 फीसदी एथनॉल को बेचने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नवंबर, 2006 से सितंबर, 2009 के बीच 180 करोड़ लीटर एथनॉल की जरुरत थी लेकिन तेल कंपनियों ने केवल 146.6 करोड़ लीटर एथनॉल खरीदने का ठेका दिया। इसमें से 118.20 करोड़ लीटर एथनॉल खरीदा गया और वास्तविक तौर पर केवल 58.13 करोड़ लीटर एथनॉल ही पेट्रोल में मिलाया गया।
साभार / स्त्रोत -
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