... और 100 की वाई श्रेणी सुरक्षा वापस
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Thursday 12 Nov, 2009 08:06 AM
नई दिल्ली,केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने जेड तथा जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा पाने वाले अति महत्वपूर्ण लोगों की सूची को पुनरीक्षित करते हुए पूर्व मंत्री शिवराज पाटिल के परिजनों को इस फेहरिस्त से हटा दिया है। साथ ही कुछ सेवानिवृत्त नौकरशाहों को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।
गृहमंत्रालय ने पूर्व प्रधान न्या ाधीश वाईएस सबरवाल समेत 30 वीआईपी लोगों के नाम एक्स श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त लोगों की सूची से हटा दिए हैं। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकीय अनुसंधान संस्थान के पूर्व प्रमुख आरएस बेदी तथा दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त नीरज कुमार समेत वरिष्ठ नौकरशाहों तथा पुलिस अधिकारियों सहित 100 लोगों की वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गई है।
आश्चर्यजनक रूप से मंत्रालय ने राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव तथा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समेत प्रमुख राजनीतिक हस्तियों को दी जा रही सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया है। यह दिलचस्प है कि गृह मंत्रालय ने इराक में तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में हुए घोटाले में नाम आने के बावजूद नटवर सिंह की सुरक्षा में कटौती नहीं की है।
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती, लोकजनशक्ति पार्टी के नेता राम विलास पासवान तथा पूर्व गृहमंत्री शिवराज पाटिल की जेड श्रेणी की सुरक्षा बरकरार रखी है। इस श्रेणी में वीआईपी व्यक्ति की सुरक्षा में 45 गार्ड तैनात किए जाते हैं। सेवानिवृत्त हो चुके पूर्व गृह सचिवों वी. के. दुग्गल और धीरेन्द्र सिंह तथा सीबीआई के पूर्व निदेशक विजय शंकर तिवारी को वाई-स्पेशल श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है जबकि इन पूर्व अधिकारियों को दी जा रही सुरक्षा पूरी तरह वापस लिए जाने की सिफारिश की गई थी।
योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष केसी पंत, शिवराज पाटिल की बहू, पौत्र और उनकी बेटी के ससुर को दी जा रही जेड तथा जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गई है। एक्स और वाई श्रेणी की सुरक्षा में आमूल-चूल परिवर्तन के बाद इस बात की संभावना व्यक्त की जा रही है कि गृह मंत्री पी. चिदंबरम जेड श्रेणी में भी व्यापक बदलाव करेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने हाल में राय जाहिर की थी कि सिर्फ उन्हीं लोगों को सुरक्षा दी जानी चाहिए जिन्हें या तो गंभीर खतरा हो या फिर वह किसी संवैधानिक पद पर हों।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने मायावती समेत कुछ वीआईपी लोगों को एनएसजी द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा को वापस लेने तथा अनेक लोगों की सुरक्षा में कटौती की सिफारिश की थी। हालांकि उन्होंने भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला तथा गुलाम नबी आजाद और आतंकवाद रोधी मंच के नेता एमएस बिट्टा को दी जा रही एनएसजी सुरक्षा बरकरार रखने की संस्तुति की थी। लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी तथा सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को दी जा रही एनएसजी सुरक्षा वापस लेने की सिफारिश की गई थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शुरुआती पुनरीक्षण के बाद राजनीतिक समेत विभिन्न पृष्ठभूमि वाले ज्यादातर वीआईपी लोगों ने अपने सुरक्षा कवच के औचित्य को साबित करने की हर मुमकिन कोशिश की। उन्होंने बताया कि वीआईपी सुरक्षा के नाम हो रहा खर्च भी मंत्रालय पर वित्तीय बोझ की तरह था। कुछ मामलों में यह देखा गया है कि वीआईपी लोग किसी खतरे से बचाव के लिए नहीं बल्कि अपनी शान दिखाने के लिए सुरक्षा का इस्तेमाल करते हैं। जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त वीआईपी लोगों को छह निजी सुरक्षा अधिकारी, दो गार्ड, स्क्रीनिंग स्टाफ और दो एस्कॉर्ट उपलब्ध कराए जाते हैं जबकि जेड श्रेणी की सुरक्षा वाले वीआईपी लोगों को स्क्रीनिंग स्टाफ नहीं दिया जाता।
साभार / स्त्रोत - jagran.com
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