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बिजली महंगी होने की उल्टी गिनती शुरू


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Wednesday 11 Nov, 2009 09:53 AM लखनऊ। सूबे में बिजली महंगी होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दरों में 20 से 25 फीसदी का इजाफा करने संबंधी पावर कार्पोरेशन का टैरिफ प्रस्ताव मंगलवार को स्वीकार कर लिया है। आयोग अब जन सुनवाई कर प्रस्तावित दरों को 120 दिनों में अंतिम रूप देगा।

गौरतलब है कि चालू वित तीय वर्ष 2009-10 के वार्षिक राजस्व आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कार्पोरेशन ने बिजली की दरों में 25 फीसदी तक का इजाफा करने संबंधी टैरिफ प्रस्ताव 30 जुलाई को आयोग में दाखिल किया था। कार्पोरेशन द्वारा प्रस्ताव की कमियां दूर करने के बाद आयोग ने मंगलवार को प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। कार्पोरेशन के डायरेक्टर (कामर्शियल) नंदलाल ने बताया कि अब तीन दिनों में कार्पोरेशन द्वारा टैरिफ प्रस्ताव संबंधी विज्ञापन प्रकाशित कराया जायेगा। आयोग के सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित दरों पर जन सुनवाई का जल्द ही कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। सूबे के कम से कम चार शहरों में आयोग सुनवाई करेगा। सुनवाई कर आयोग दरों में बदलाव कर सकता है। नियमानुसार आयोग को अगले 120 दिनों (10 मार्च तक) में दरों को अंतिम रूप देना होगा। आयोग द्वारा अंतिम की जाने वाली दरें सरकार को लागू करनी होगी। सरकार द्वारा आयोग की तय दरों में कमी करने पर उसे कार्पोरेशन को सब्सिडी देनी पड़ेगी।

उल्लेखनीय है कि दरों में 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी के पीछे कार्पोरेशन प्रबंधन का कहना था कि उसका सालाना खर्चा जहां 22872 करोड़ रुपये है वहीं बिजली बिल से 12157 करोड़ तथा सब्सिडी से लगभग दो हजार करोड़ रुपये ही मिल रहे हैं। ऐसे में 8710 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। तीन वर्षो से विद्युत दरों में संशोधन न किए जाने से बिजली की आपूर्ति लागत बढ़कर 5.07 रुपये प्रति यूनिट हो गयी है जबकि अभी औसत आपूर्ति दर 2.91 रुपये प्रति यूनिट ही मिल रही है।

आयोग द्वारा स्वीकार किए गए टैरिफ प्रस्ताव के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र के बत्ती-पंखा के मीटर कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं तथा शहरी क्षेत्र के एक किलोवाट वाले लाईफ लाइन उपभोक्ताओं को छोड़कर अन्य उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर में 20 से 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी प्रस्तावित है। प्रस्ताव के मुताबिक बत्ती-पंखा वाले शहरी उपभोक्ताओं के फिक्स चार्ज को 60 से 75 रुपये प्रति माह करने, 18 घंटे बिजली आपूर्ति वाले क्षेत्र में 200 यूनिट तक 4 रुपये यूनिट, 200 यूनिट से ज्यादा पर 4.75 रुपये प्रति यूनिट, 18 घंटे से अधिक आपूर्ति वाले क्षेत्र में 4.25 रुपये से लेकर 5 रुपये प्रति यूनिट तक की दरें प्रस्तावित की गईं हैं। इसी तरह वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के फिक्स्ड चार्ज को 100 से बढ़ाकर 125 रुपये तथा विद्युत दर 4.30 रुपये से लेकर 5.50 रुपये प्रति यूनिट प्रस्तावित हैं। मिनिमम चार्जेज के दरें 300 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति यूनिट प्रति माह प्रस्तावित हैं। उद्योगों के मामले में 4 रुपये से लेकर 5 रुपये प्रति यूनिट की दर प्रस्तावित है।

साभार / स्‍त्रोत -


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