तहसीलदारों की हड़ताल समाप्त
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Sunday 01 Nov, 2009 10:40 AM
भोपाल। कटनी भूमि घोटाले के आरोप में गिरफ्तार तहसीलदार समर्थन में प्रदेश भर की जा रही राजस्व अधिकारियों की हड़ताल कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार को समाप्त हो गई।
कटनी भूमि घोटाले के मामले में तहसीलदार की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदेश भर के तहसीलदारों द्वारा 26 अक्टूबर से हड़ताल की जा रही थीं। हड़ताल को गैर कान नी ठहराते हुए नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष पीजी नाजपाण्डे ने जबलपुर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर दी। जनहित याचिका पर शुक्रवार को उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा तथा न्यायमूर्ति आरके गुप्ता की संयुक्तपीठ के गंभीर रूख को देखते हुए अनावेदक राजस्व अधिकारी कनिष्ठ सेवा संघ के अधिवक्ता द्वारा न्यायालय के समक्ष हड़ताल समाप्त किए जाने संबंधी अंडरटेकिंग दी गई।
इसके बाद मामले पर आगे सुनवाई करते हुए संयुक्तपीठ ने कटनी में भूमि के मामले में तहसीलदार के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज मामले की जांच के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित किए जाने के निर्देश दिए हैं। यह समिति जांच के बाद अपनी रिपोर्ट न्यायालय में पेश करेगी। इसके साथ ही न्यायालय ने राज्य के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव राजस्व तथा राजस्व अधिकारी संघ व कटनी के तहसीलदार राजेन्द्र कौशिक को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। प्रकरण पर अगली सुनवाई के लिए 17 नवम्बर की तिथि नियत की गई है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपाण्डे की ओर से दायर जनहित याचिका में अधिवक्ता श्याम सुंदर श्रीवास्तव ने पैरवी की। याचिका में आरोप लगाये गये है कि वर्तमान में तहसीलदार भू-माफियाओं के साथ मिले हुये है तथा स्वयं भी हेराफेरी करते है। जिससे आम लोग खासे परेशान रहते है।
याचिका में भी उल्लेख किया गया है कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भू-माफियाओं पर नकेल कसने कार्यवाही के आदेश दिये तब ऐसी स्थिति में स्वयं को आरोपों से दूर रखने तहसीलदारों द्वारा राज्य भर में हड़ताल कर शासन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। याचिका में उल्लेख किया गया कि तहसीलदारों की इस हड़ताल से आम जनता का काफी नुकसान हो रहा है तथा कृषक भी परेशान है। यह हड़ताल पूरी तरह गैर कानूनी है। सुनवाई के दौरान अनावेदक राजस्व अधिकारी संघ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र तिवारी ने पक्ष रखा। इस दौरान संयुक्तपीठ ने तहसीलदारों की हड़ताल पर नाराजगी जाहिर की जिसके पश्चात संघ की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र तिवारी ने हड़ताल समाप्त किये जाने संबंधी अंडरटेकिंग न्यायालय को दी तथा कटनी में तहसीलदार कौशिक के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को गलत ठहराया। न्यायालय ने उनका पक्ष जानने के पश्चात पुलिस की कार्यवाही की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित किये जाने के निर्देश दिये।
इस समिति में राज्य के पुलिस महानिदेशक चेयरमेन होंगे जबकि शेष दो सदस्य राज्य शासन द्वारा मनोनीत किये जायेंगे। यह समिति अपनी रिपोर्ट न्यायालय में पेश करेगी।
साभार / स्त्रोत -
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