भारत आक्रमक रुख अपनाये
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Sunday 20 Sep, 2009 01:26 PM
हरदोई। अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर चीन द्वारा की गयी शरारत को लेकर अखिल भारतीय साधु परिषद भी चिंतित है। साधु परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यतींद्रानंद गिरि ने शनिवार को यहां पत्रकार वार्ता में कहा कि इस मुद्दे पर भारत को आक्रामक रुख अपनाना होगा।
उन्होंने बाल विद्या भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा क चीन के प्रति भारत सरकार का रवैया प्रतिरक्षात्मक है। भारत सरकार को चीन से सटी सीमा पर हुई घुसपैठ के बाद आक्रामक रुख अपनाना चाहिए। चीनी सैनिकों ने अभी हाल में भारतीय सीमा में घुसकर पत्थरों को लाल रंग से रंग दिया था। नेपाल के मामले में स्वामी जी ने कहा कि भारत सरकार की ओर से नेपाल सरकार पर दबाव बनाया जाना चाहिए कि वहां पूर्व महाराज के अधिकार बहाल हों। उन्होंने कहाकि नेपालियों को जो सम्मान और स्थान भारत में है, वहीं सम्मान भारतीयों को नेपाल में मिले। भारत सरकार को अपनी मौजूदा लचर नीति की समीक्षा करनी चाहिए। उनके अनुसार यूं भी भारत सरकार के पड़ोसी देश श्रीलंका, नेपाल, पाकिस्तान, वर्मा और बांग्लादेश से मधुर संबंध नहीं है। इसका नतीजा यह है कि पडोसी देशों में भारत के विरुद्ध योजनाबद्ध तरीके से विष नमन किया जा रहा है। स्वामी जी ने अपने को हिमालय परिवार संस्कार का केंद्रीय अध्यक्ष बताया। हिमालय परिवार का कार्य नेपाल, वर्मा, भूटान, तिब्बत को सांस्कृतिक दृष्टि से भारत से जोड़ना है। वह नैमिषारण्य होते हुए यहां पहुंचे थे। पत्रकार वार्ता के बाद वे हरिद्वार रवाना हो गये।
साभार / स्त्रोत -
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