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15 फीसदी महिला जवान की जाएंगी तैनात BSF में

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12 Feb, 17 08:44
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 15 फीसदी  महिला जवान की जाएंगी तैनात BSF में
देवीसिंह बडगूजर जोधपुर। सीमा सुरक्षा बल में तीन चरणों में 15 प्रतिशत महिला जवानों की तैनाती की जाएगी। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने 15 फीसदी महिला जवानों को सरहद पर तैनात करने की मंजूरी दी है। सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक के.के. शर्मा ने शुक्रवार को जोधपुर में सीसुब राजस्थान सीमांत प्रांगण में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि पहले चरण में 5, दूसरे में 1॰ और तीसरे में 15 प्रतिशत महिलाएं तैनात की जाएंगी। यहां यह बता देना कोई अतिश्यांक्ति नहीं होगी कि पश्चिमी क्षेत्र के श्रीगंगानगर भारत-पाक सरहद की तारबंदी के पास बीएसएफ की महिला रेजिमेंट की गार्ड युवतियां हाथों में गन लिए सीमा पर नजरें गढाए नजर आती हैं।
एक सवाल के जवाब में महानिदेशक शर्मा ने बताया कि बाडमेर और जैसलमेर के सरहदी क्षेत्रों में स्थित अग्रिम चौकियों पर पेयजल की समस्या है। जहां पाइप लाइन के माध्यम से पेयजल पहुंचाया जाएगा। इसके लिए मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है और पीएचईडी के माध्यम से प्रोजेक्ट पर काम कराया जाएगा। महानिदेशक शर्मा ने बताया कि जैसलमेर के सरहदी क्षेत्र जहां पर रेत के टीले स्थानांतरित होते रहते हैं वहां पर सैंड स्कूटर लगाए गए थे जोकि सफल पाए गए। निकट भविष्य में और भी जरूरत के स्थानों पर सैंड स्कूटर लगाए जाएंगे। शर्मा ने बताया कि राजस्थान से सटे सरहद पर मॉडर्नाइजेशन के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत कई अत्याधुनिक उपकरणों के द्वारा और हथियारों के द्वारा सरहद को अभेद्य बनाया जाएगा। लेजर फेंसिंग भी इनमें से प्रोजेक्ट का एक हिस्सा है। मालूम हो कि शर्मा किशनगढ फील्ड फायरिंग रेंज में चल रही सीमा सुरक्षा बल की 47वीं अंतर सीमान्त वैपन फायरिंग प्रतियोगिता में शिरकत पहुंचे थे। शर्मा ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत जम्मू सीमांत क्षेत्र में कमान एंड कंट्रोल सिस्टम विकसित किया गया है। वहां लेजर वॉल सहित इजराइल की तरह उपकरण लगाए हैं। प्रोजेक्ट सफल रहा तो अन्य सीमांत क्षेत्रों में भी लेजर वॉल बनेगी। इसमें कैमरे, एलईडी लाइट सहित मॉडर्न उपकरण लगेंगे। इजराइल की तरह पक्की दीवार नहीं बनेगी, सिर्फ स्मार्ट फेंसिंग पर काम चल रहा है।
महानिदेशक शर्मा ने सीमा प्रहरी तेज बहादुर यादव की पत्नी के आरोपों का सिरे से खंडन करते हुए कहा कि तेज बहादुर यादव निरंतर अपनी पत्नी से संफ में है। हमारे पास में इसका टेलीफोन रिकॉर्ड भी उपलब्ध है। फिलहाल उनके खिलाफ सांभा में नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। प्रहरी ने वीआरएस भी मांगा था लेकिन उनके द्वारा किए गए नियम विरुद्ध कार्य से उसे अस्वीकार कर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद में स्वीकार किया जाएगा।महानिदेशक शर्मा ने बताया कि जैसलमेर के सरहदी क्षेत्र जहां पर रेत के टीले स्थानांतरित होते रहते हैं वहां पर सैंड स्कूटर लगाए गए थे जोकि सफल पाए गए। निकट भविष्य में और भी जरूरत के स्थानों पर सैंड स्कूटर लगाए जाएंगे।महानिदेशक शर्मा ने बताया कि बाडमेर और जैसलमेर के सरहदी क्षेत्रों में स्थित अग्रिम चौकियों पर पेयजल की समस्या है। जहां पाइप लाइन के माध्यम से पेयजल पहुंचाया जाएगा। इसके लिए मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है।
एक सवाल के जवाब में महानिदेशक के.के शर्मा ने तेज बहादुर को बंदी बनाने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, तेज बहादुर ने खराब खाने के जो आरोप लगाए हैं, उसकी जांच के लिए उन्हें जम्मू-कश्मीर के सांबा में रखा है। तेज बहादुर की उनकी पत्नी से रोज मोबाइल पर बात हो रही है। जांच के बाद ही तेज बहादुर को वीआरएस मिलेगी। जबकि बीकानेर के हैड कांस्टेबल नवरतन चौधरी द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। दूसरी तरफ शुक्रवार को ही दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा है कि बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव की पत्नी शर्मिला दो दिन तक उनके साथ रह पाएंगी। मुलाकात जम्मू के सांबा में कालीबाडी स्थित बीएसएफ की 88वीं बटालियन के हेडक्वार्टर में होगी। ज्ञात रहे कि शर्मिला ने हाईकोर्ट में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा था कि उनके पति को अवैध हिरासत में रखा गया है। बीएसएफ और केंद्र की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने कहा कि जवान हिरासत में नहीं है। उनका जम्मू के सांबा में कालीबाडी स्थित 88वीं बटालियन के हेडक्वार्टर में तबादला किया है।
उधर, तेज बहादुर यादव एक और विवाद में फंसते दिख रहे हैं। सरकारी सूत्रों का दावा है कि फेसबुक पर उनके 17 फीसदी फ्रेंड पाकिस्तानी हैं। यह अकाउंट पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे हैं। उनकी फ्रड लिस्ट में 3 हजार नाम हैं। इनमें से कई अकाउंट कनाडा, तंजानिया जैसे देशों से हैं। बीएसएफ की जांच में पता चला कि तेज बहादुर की प्रोफाइल पर पाक से कई पोस्ट हुई हैं। तेज बहादुर के नाम से 4॰ अकाउंट हैं, जिनमें से 39 फर्जी हैं।
एक अन्य सवाल के जवाब में शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिये शिकायत करने वाले जवानों का अलग ही एजेंडा होता है। बीएसएफ में हर स्तर पर जवानों को बात रखने की सुविधा है। सैनिक सम्मेलन होते हैं। निजी शिकायत इंट्रानेट पर दर्ज होती है। इंटरेक्टिव सिस्टम से भी शिकायतें दर्ज होती हैं। सोशल मीडिया पर शिकायत करना अनुशासनहीनता है। मीडिया में न्यूज या वीडियो दिखाने से पहले जांचा जाता है। लेकिन सोशल मीडिया गैर जिम्मेदाराना है।


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