राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के माध्यम से चलाई जा रही जननी शिशु सुरक्षा योजना ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ संस्थागत प्रसव कराने की ओर प्रेरित कर रही है । भारत निर्माण जन सूचना अभियान, नापाखेडा, जिला अजमेर के ग्राम रायनगर की श्रीमती सीमा रेगर पत्नि श्री दुर्गा रेगर ने बातचीत करने पर बताया कि उन्होंने अपना प्रसव सावर में सामुदायिक केन्द्र में करवाया है । जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत चौदह सौ रूपये प्राप्त हुए हैं, जिससे उन्हें प्रसव के दौरान काफी आर्थिक सहयोग मिला है । उन्होंने बताया कि वे मजदूरी एवं खेती बाडी करके ही अपना जीवन यापन करते हैं, आमदनी का परिवार में कोई और साधन नहीं है । ऐसी स्थिति में उनके पति को प्रसव की बहुत चिन्ता हो रही थी, लेकिन उन्हें आंगनबाडी केन्द्र के माध्यम से जननी शिशु सुरक्षा की जानकारी थी, जिससे प्रसव सरकारी अस्पताल में करवाने से उन्हें काफी आर्थिक सम्बल मिला है । आंगनबाडी केन्द्र की आशा सहयोगिनी श्रीमती सीमा ने बताया कि गर्भवती महिलाएं स्वयं ही आकर आंगनबाडी केन्द्र में रजिस्ट्रेशन करवा रही हैं । जननी शिशु सुरक्षा योजना से ग्रामीण अंचलों की महिलाओं में संस्थागत प्रसव कराने के प्रति रूचि बढी है, साथ ही प्रसव के दौरान आर्थिक सहयोग मिलने के कारण परिवार के लोग रूचि ले रहे हैं । उन्होंने बताया कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में शिशु मातृ मृत्यु दर में कमी आ रही है ।