नई दिल्ली | अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की बहुचर्चित विश्व सीरीज लीग इस साल लंदन ओलंपिक के बाद अगस्त से खेली जाएगी। एफआइएच अध्यक्ष लिएंड्रो नेग्रे ने यहां कहा, यह लीग हर दो साल में खेली जाएगी और भविष्य में ओलंपिक तथा विश्व कप के लिए टीमों का निर्धारण इससे ही होगा। विश्व सीरीज लीग को हॉकी न खेलने वाले देशों में इसको प्रमोट करने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नेग्रे ने बताया कि अभी तक एफआइएच को पुरुष वर्ग में 80 और महिला वर्ग में 58 प्रविष्टियां मिल चुकी हैं। पुरुष वर्ग के फाइनल फरवरी, 2014 में भारत में, जबकि महिला वर्ग के फाइनल 2013 में अर्जेंटीना में खेले जाएंगे। एफआइएच के सीईओ कैली फेयरवेदर ने बताया, इस लीग के बाद हर साल हॉकी में कोई बड़ा टूर्नामेंट मसलन विश्व कप, ओलंपिक, चैंपियंस ट्रॉफी या लीग फाइनल होगा। भविष्य में द्विपक्षीय हॉकी सीरीज के आयोजन के बारे में उन्होंने कहा कि क्रिकेट की तरह हॉकी में भी फ्यूचर्स टूर कार्यक्रम लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, इस साल नवंबर में एफआइएच की कांग्रेस में 2015 से 2018 के टूर्नामेटों का निर्धारण होगा और तब इस पर बात की जा सकती है। भारत में विश्व सीरीज हॉकी में भाग लेने वाले खिलाडि़यों और कोचों पर प्रतिबंध के सवाल पर नेग्रे ने कहा कि यह स्थानीय लीग है और इस बारे में फैसला हॉकी इंडिया को लेना होगा। उन्होंने कहा, हर खिलाड़ी या कोच फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन एफआइएच के अपने नियम है। प्रतिबंध के बारे में फैसला हॉकी इंडिया को लेना है, हमें नहीं। भारतीय हॉकी महासंघ और हॉकी इंडिया के बीच मतभेदों और केंद्र सरकार की भूमिका के बारे में उन्होंने कहा, हम खेलमंत्री अजय माकन के प्रयासों की सराहना करते हैं। भारत हॉकी की महाशक्ति बन सकता है, लेकिन एकजुटता जरूरी है। एफआइएच समाधान तलाशने की कोशिश कर रहा है और हमें सभी पक्षों से सहयोग की अपेक्षा है।