
नई दिल्ली। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर आज भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के हिस्से बन जाएंगे। उन्हें मानद ग्रुप कैप्टन की उपाधि दी जा रही है। सचिन तेंदुलकर द्वारा अपने खेल के माध्यम से देश को दिलाई प्रतिष्ठा के मद्देनजर आईएएफ ने यह प्रस्ताव रखा था और राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सेना के सुप्रीम कमांडर की हैसियत से इसकी अनुमति दी।
पहले वायु सेना तय नहीं कर पा रही थी कि सचिन को कौन सा रैंक दिया जाए। विंग कमांडर और स्क्वाड्रन लीडर जैसे पद उनकी प्रतिष्ठा के हिसाब से उचित नहीं माने गए। बाद में तय किया गया कि उन्हें ग्रुप कैप्टन का पद दिया जाएगा। उद्योगपति विजयपत सिंघानिया और जेआरडी टाटा सहित 21 व्यक्तियों को वायु सेना यह सम्मान दे चुकी है।
वायु सेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल प्रदीप वसंत नाईक वायु सेना के सुब्रतो ऑडिटोरियम में आयोजित एक समारोह में सचिन को ग्रुप कैप्टन के रैंक से अलंकृत करेंगे। यह वह मौका होगा जब सचिन क्रिकेटर की वर्दी में न होकर संभवत: पायलट के ओवरआल में दिखाई देंगे। संभवत: सचिन पहले व्यक्ति होंगे, जिन्हें विमान उड़ाने का कोई अनुभव नहीं होते हुए भी वायु सेना यह सम्मान दे रही है। वायु सेना का मानना है कि तेंदुलकर को यह सम्मान दिए जाने के बाद दूसरे युवा भी वायु सेना में भर्ती होने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि उन्हें वायु सेना द्वारा दिए जा रहे इस सम्मान पर गर्व है। मैं ब्रांड ऐंबेसेडर बनने के बाद वायु सेना की छवि और उज्जवल करने का पूरा प्रयास करूंगा।