Pressnote.in

मोदी सरकार ने अधिकारियों को नोकरशाह बनाने का लिया फैसला

( Read 1615 Times)

13 Jun, 18 12:09
Share |
Print This Page

 मोदी सरकार ने  अधिकारियों को नोकरशाह बनाने का लिया फैसला
Image By Google
मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट के प्रमोशन में आरक्षण जारी रखने के फैसले को निष्प्रभावी करने के लिये नरेन्द्र मोदी सरकार ने निजी कम्पनियों के अधिकारियों को नोकरशाह बनाने का फैसला लिया है यह बात अनुसूचित जाति जन जाती एकता मंच के नेता लक्ष्मण बडेरा ने मोदी सरकार के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करते हुए कही बडेरा ने बताया कि 5 जून मंगलवार को देश की सर्वोच्च अदालत ने अनुसूचित जाति व जन जाती को प्रमोशन में आरक्षण पर अहम फैसला देते हुए केंद सरकार से कहा जब तक संविधान पीठ अंतिम फैसला नही देती तब तक सरकार पदोन्नति में आरक्षण लागू कर सकती है इस फैसले में अनसूचित जाति व जन जाती वर्ग के अधिकारियों को प्रमोशन में आरक्षण देकर नोकरशाह बनाना था मगर सरकार दलितो को इन पदों से वंचित करने के लिए निजी कम्पनियों को लाभ पहुंचाने के लिए बगैर IAS व IPS की परीक्षा पास किये बगैर निजी कम्पनियों के अफसरों को देश के नोकरशाह बनाकर देश के एससी व एसटी व ओबीसी व अल्पसंख्यक वर्ग के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात किया है एकता मंच के नेता लक्ष्मण बडेरा ने कहा कि निजी क्षेत्र में आरक्षण नही होने के कारण इस वर्ग का प्रतिनिधित्व शून्य है ऐसे में इस वर्ग को देश के महत्वपूर्ण पदों से वंचित करने की केंद सरकार ने नई तरकीब निकालकर दलितो पिछडो व अल्पसंख्यक विरोधी होने का परिचय दिया है |
एकता मंच के नेता लक्ष्मण बडेरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने इससे पूर्व यू जी सी में भर्ती में आरक्षण का लाभ दलितों को नही देकर विश्वासघात किया है बडेरा ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि निजी कम्पनियों के मालिकों ने अपने चतुर कम्पनी अधिकारियों के मार्फ़त देश की बेंको से लाखो करोड़ों रुपयों का लोन लेकर हजम कर लिया और कम्पनी मालिक देश छोड़कर विदेशो में भारत की जनता की गाढ़ी कमाई से मौज कर रहे है यदि इसी तरह निजी कम्पनी मालिको के वफादार देश के 10 महत्वपूर्ण विभाग वित्त , आर्थिक मामले, कृषि,सड़क परिवहन, जहाजरानी,पर्यावरण, अक्षय ऊर्जा,वाणिज्य, नागरिक उड्डयन, राजस्व, विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागो पर नियुक्ति से राष्ट्र को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है एससी एसटी वर्ग को आरक्षण का लाभ नही देना भारतीय संविधान का घोर उल्लंघन है बडेरा ने सरकार से निजी कम्पनी के अधिकारियों को नोकरशाह बनाने के आदेश तत्काल वापस लेने की मांग की अन्यथा 2 अप्रेल का दुखी दलित सरकार के खिलाफ जायेगा जिसकी मोदी सरकार को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी ।


Source :

यह खबर निम???न श???रेणियों पर भी है: National News
Your Comments ! Share Your Openion

Group Edior : Mr. Virendra Shrivastava
For any queries please mail us at : newsdesk.pr@gmail.com For any content related issue or query email us at newsdesk.pr@gmail.com, CopyRight © All Right Reserved. Pressnote.in