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13 संपत्तियों पर लगे ताले

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15 Feb, 18 11:20
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आनंद विहार इलाके में निगम की तीसरे दिन भी रिहायशी इलाके में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई जारी रही। शाम तक चली कार्रवाई के दौरान निगम ने आनंद विहार और जागृति एन्क्लेव में 13 संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई की। इस दौरान भारी संख्या में सीआरपीएफ, बीएसएफ और दिल्ली पुलिस के एसएचओ समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद थे।शाहदरा साउथ जोन भवन विभाग के अधिकारी पुलिस बल के साथ आनंद विहार और जागृति एन्क्लेव के रिहायशी इलाके में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे। जागृति एन्क्लेव और आनंद विहार में चल रही स्पा, ब्यूटी पार्लर, बार, रेस्टोरेंट के साथ-साथ स्वीट्स शॉप पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। सीलिंग के दौरान सबसे ज्यादा गाज एक स्वीट्स शॉप व रेस्टोरेंट चलाने वाले मालिक पर गिरी। निगम के अधिकारी जैसे ही इसे सील करने पहुंचे तो भारी संख्या में रेस्टोरेंट के मालिक समेत कई लोग एकत्र हो गए। काफी देर तक सीलिंग को रोकने के लिए निगम अधिकारियों से गुजारिश करते दिखाई दिए, लेकिन अधिकारी नहीं माने। इसके बाद रेस्टोरेंट मालिक ने भारी संख्या में अपने कर्मचारियों के साथ सामान को निकालना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक सामान निकालने के बाद उसे सील किया जा सका। रेस्टोरेंट चलाने वाले लोगों का कहना था कि उन्होंने निगम को 11 लाख रपए से ज्यादा कन्वर्जन व पार्किग शुल्क जमा करा रखा है। इसके साथ-साथ स्वीट शॉप व रेस्टोरेंट चलाने के लिए हर तरह के लाइसेंस भी ले रखे हैं। व्यावसायिक बिजली-पानी का बिल भी दे रहे हैं। इतना ही नहीं जीएसटी भी अदा करते हैं। अगर निगम हमें लाइसेंस ही नहीं देता तो आज हमें करोड़ों रपए की पूंजी का नुकसान नहीं उठाना पड़ता। इसके अलावा निगम अधिकारियों ने चल रहे कई रेस्टोरेंट व बार को भी सील किया। बार मालिकों का भी यही कहना था कि अगर निगम अधिकारी एनओसी देते हैं, तभी आगे की सभी प्रक्रियाएं पूरी होती हैं और उसके बाद ही बार का लाइसेंस मिला है। ऐसे में सील किए जाने से उन्हें लाखों रपए का नुकसान झेलना पड़ रहा है। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान कई ऐसे आरडब्ल्यूए के लोग भी मिले, जो कार्रवाई को लेकर खुश नजर आए। जोन उपायुक्त अतीक अहमद से जब इन रेस्टोरेंट व स्वीट शॉप को लाइसेंस देने के बारे में बात की गई तो उनका कहना था कि अब ऑनलाइन लाइसेंस बन रहे हैं। जिसने लाइसेंस बनवाया है, वहां लाइसेंस बन सकता है अथवा नहीं, इसकी जांच की जाएगी।
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