नई दिल्ली। जब दिल्ली सरकार बनी थी तो दिल्ली की जनता सोच था कि अब लोगों की समस्या खत्म हो गई हैं परंतु सरकार के दावों को बीएसईएस यमुना पावर लि. बोना साबित करने में लगे हैं।
दिल्ली के कई इलाकों मे जानबूझकर अघोषित कटौती की जा रही है जिससे जनता को परेशानी हो रही है और चोरों को फायदा। इसी तरह की परेशानी शास्त्री पार्क इलाके में जो गांधी नगर विधानसभा क्षेत्र में आता है।
यहां पर लगभग 1 माह से रोजाना रात को 12 से 2 बजे के बीच बिजली की कटौती हो रही है।
इसकी शिकायत अधिकारियों से करने के बाद भी कोई हल न निकले के कारण नई पीढ़ी-नई सोच(पंजी.) संस्था के अध्यक्ष श्री साबिर हुसैन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के उप राज्यपाल, दिल्ली के बिजली आपूर्ति मंत्री सतेन्द्र जैन, गांधी नगर (स्थानीय) विधायक अनिल कुमार वाजपेयी, डीजीएम यमुना विहार को पत्र लिखा है।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि बुलन्द मस्जिद, शास्त्री पार्क कालोनी जो गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र में आती है। यहां पर पिछले लगभग एक माह से रोजाना रात 12 बजे से 2 बजे तक अघोषित बिजली कटौती की जा रही है।
इसके लिए सरकार व बिजली विभाग की ओर से कोई नोटिस/घोषणा नहीं की गई है फिर यह बिजली की कटौती क्यों की जा रही है। अघोषित कटौती के कारण रोजाना कालोनी में किसी न किसी के घर में चोरी हो रही है।
जिस कारण लोगों की नींद हराम हो रही है। पिछले लगभग एक माह में कई घरों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं।
इसकी शिकायत जब भी शास्त्री पार्क के शिकायत केन्द्र पर करते हैं तो यहां बैठे कर्मचारी फोन करने वालों के साथ दुव्र्यवहार करते हैं जैसे हम तुम्हारे बाप के नौकर हैं यहां पर अगर दुबार फोन किया तो पूरे घर की बिजली हमेशा के लिए काट दी जाएगी और जेल जाना पड़ेगा वह अलग, इस कालोनी में सब चोर रहते हैं आदि।
उन्होंने आगे लिखा है कि यहां पर सभी लोग नियमित बिल का भुगतान करते हैं इसके बावजूद लोगों को परेशानी हो रही है। अगर कोई बिजली चोरी हो रही है तो बिजली विभाग के लोगों के कारण ही चोरी हो रही है या फिर बिजली विभाग के लोग ही चोरी करवाते हैं।
नहीं तो बिजली विभाग के लोग छापे आदि क्यों नहीं मारते क्योंकि अब तो सभी मीटर बाहर लगे हैं फिर भी बिजली विभाग के लोग आम जनता को परेशान करते हंै जोकि गलत है।
हमें तो ऐसा लगता है कि बिजली विभाग के सभी लोग चोरों से मिले हुए हैं इसलिए यह रोज बिजली की अघोषित कटौती करते हैं जिसका पूरा फायदा चोर चोरी करने में उठाते हैं।
यदि ऐसा नहीं है तो सुशील खटकवाल व इनके अन्य अधिकारियों से पूछा जाए कि यहां रोजना बिजली की कटौती क्यों हो रही है क्योंकि यहां पर किसी प्रकार की कोई बिजली चोरी नहीं हो रही है।
अगर फिर भी आपको लगता है कि यहां चोरी हो रही है तो छापेमारी की कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
उन्होंने पत्र के अंत में लिखा है कि अगर यहां कोई चोर है तो उन पर कार्रवाई हो पर कुछ लोगों के कारण सबको परेशान करना गलत है क्योंकि किसी भी उपभोक्ता को बिना बताए बिजली से वंचित नहीं कर सकते इसलिए संस्था चाहती है कि आपको पत्र मिलते ही इस पर तुरंत कार्रवाई करें।